मौजूदा अंक तालिका का गणित
- इंग्लैंड की जीत के बाद न्यूज़ीलैंड के अंक रुक गए हैं।
- अगर पाकिस्तान श्रीलंका को हरा देता है, तो दोनों टीमों के अंक समान हो जाएंगे।
- अंक बराबर होने पर नेट रन रेट (NRR) निर्णायक भूमिका निभाएगा।
इस समय न्यूज़ीलैंड का NRR पाकिस्तान से बेहतर है। इसलिए पाकिस्तान को सिर्फ जीत नहीं, बल्कि बहुत बड़ी जीत चाहिए।
पाकिस्तान के सामने दो स्पष्ट रास्ते
अगर पाकिस्तान पहले बल्लेबाजी करे
अगर पाकिस्तान पहले बल्लेबाजी करता है, तो उसे:
- बड़ा स्कोर खड़ा करना होगा
- श्रीलंका को कम से कम 60+ रनों के अंतर से हराना होगा
यानी यदि पाकिस्तान 180 रन बनाता , तो श्रीलंका को 120 या उससे कम पर रोकना होगा।
60 या उससे अधिक रनों की जीत से ही पाकिस्तान का NRR न्यूज़ीलैंड से ऊपर जा सकता है।
टी20 क्रिकेट में 60 रन का अंतर बहुत बड़ा माना जाता है। इसके लिए बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों को असाधारण प्रदर्शन करना होगा।
🎯 अगर पाकिस्तान लक्ष्य का पीछा करे
अगर श्रीलंका पहले बल्लेबाजी करती है, तो पाकिस्तान को:
- लक्ष्य को सिर्फ जीतना नहीं, बल्कि
- लगभग 13 ओवर के अंदर हासिल करना होगा
उदाहरण के लिए, अगर लक्ष्य 150 रन है, तो पाकिस्तान को इसे 13 ओवर या उससे कम में पूरा करना होगा।
ऐसी तेज़ जीत से रन रेट तेजी से सुधरेगा और NRR में बड़ा उछाल आएगा।
13 ओवर में लक्ष्य का पीछा करना अत्यंत आक्रामक बल्लेबाजी की मांग करता है और इसमें जोखिम भी बहुत अधिक होता है।
संभावना कितनी यथार्थवादी है?
अब सवाल यह है कि क्या यह संभव है?
✔️ इंग्लैंड की जीत से रास्ता खुल चुका है
✔️ श्रीलंका के खिलाफ जीत संभव है
❗ लेकिन 60+ रन से जीत या 13 ओवर में चेज करना बेहद कठिन कार्य है
टी20 क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है, जहां बड़े उलटफेर संभव हैं। लेकिन इतने बड़े अंतर से जीत दर्ज करना आम बात नहीं है।
विशेषज्ञों के अनुसार:
- पाकिस्तान की गणितीय संभावना मौजूद है
- लेकिन व्यावहारिक रूप से यह “उच्च जोखिम, उच्च चुनौती” वाला परिदृश्य है
निष्कर्ष
इंग्लैंड द्वारा न्यूज़ीलैंड को हराने से पाकिस्तान की उम्मीदें जीवित हो गई हैं। अब समीकरण साफ है:
- श्रीलंका पर जीत अनिवार्य
- अंक बराबर होंगे
- सेमीफाइनल का टिकट NRR से तय होगा
- 60+ रन से जीत या 13 ओवर में लक्ष्य हासिल करना जरूरी
कुल मिलाकर, पाकिस्तान की सेमीफाइनल में पहुंचने की संभावना कम लेकिन पूरी तरह संभव है। यह सब एक असाधारण प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।
अगर पाकिस्तान आक्रामक मानसिकता और संतुलित रणनीति के साथ मैदान में उतरता है, तो इतिहास रचा जा सकता है — लेकिन जरा सी चूक से सपना अधूरा भी रह सकता है।